अब तुम्हारी कमी में हर चीज़ सुनसान लगती है…!!!
तन्हाई में आँखों से जब भी आँसू गिरते हैं,
कभी सोचा था, बिना तुमसे जीना मुश्किल होगा,
हर एक पल तेरे बिना, बस एक ग़म सा लगने लगा।
काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।
बरसों तक वो रात चले, सदियों दूर सवेरा हो।
मुस्कुराते चेहरों के पीछे छुपे दर्द को पहचानो, हर कोई खुश दिखता है, पर सबका दिल टूटा होता है।
तो शायद तुम्हें छोड़कर जाने का फैसला कभी न होता।
क्योंकि डर है कहीं तुम ये न समझो, कि हम तुम्हें भूल चुके हैं।
फिर किताबों से मिटाने की ज़रूरत क्या है.
लेकिन अब तो जीने का तरीका भी तुझसे दूर हो गया।
अब तो दिल भी नहीं चाहता कि तुझसे बात करें, अब Sad Shayari तो तेरा नाम सुनकर भी नफरत सी होती है।
मैंने तुझसे बिछड़ कर भी तुझसे मोहब्बत की है, तू बेवफा था और मैं आज भी वफादार हूँ।
जो मेरे बिना खुश है, मैं उसे परेशान नहीं करता, जो मुझे छोड़ गया, मैं उसे याद नहीं करता।